नमस्कार। अंडर-19 टीम इंडिया ने छठी बार एशिया कप पर हाल ही में कब्जा किया। टीम इंडिय़ा ने अंडर-19 एशिया कप में श्रीलंका की टीम को फाइनल में हराकर मुकाबले में अपनी जीत सुनिश्चित की।
टीम इंडिया ने 114 रनों से श्रीलंका की टीम को रौंदा था। इस पूरी सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था यशस्वी जायसवाल ने। टीम इंडिया के लिए ओपनर बल्लेबाज यशस्वी ने फाइनल मैच में 85 रनों की पारी खेली थी। इसके साथ ही उन्होंने तीन मैचों में 214 रन बनाए जो अंडर-19 एशिया कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनें।
इस बीच जब सीरीज में उनके प्रदर्शन की तारीफ हो रही है वहीं उनके संघर्ष की भी चर्चाए हो रही है। अंडर-19 टीम तक पहुंचने के लिए यशस्वी ने कई मुश्किलों का सामना किया है। यशस्वी जायसवाल को के बारें में कोच ज्वाला सिंह बताते है कि जब यशस्वी 11 साल के थे उस समय ही वह काफी मुश्किलों से झूज रहे थे। उस समय उनके पास कोई कोच नहीं था और मां-बाप भी पास नहीं रहते थे। वहीं ज्वाला को बड़े रन बनाने की आदत है।
उनके अंदर क्रिकेट खेलने की अलग ही दिवानगी है। यशस्वी कहते हैं कि मुश्किल समय में यशस्वी ने अपना खर्चा चलाने के लिए मुंबई के आजाद मैदान पर गोलगप्पे भी बेचा करते थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा करना अच्छा नहीं लगता था क्योंकि जिन लड़कों के साथ मैं क्रिकेट खेलता था, जो सुबह मेरी तारीफ करते थे वहां शाम को मेरे पास आकर गोलगप्पे खाते थे।