सांसे रोक देने वाला मुकाबला। धड़कने तेज कर देने वाली जंग। और आंखें जमा देने वाला नजारा। आईपीएल 10 का फाइनल दर्शकों के लिए यह सभी रोमांच एक साथ लेकर आया। रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने आखिरकार राजीव गांधी स्टेडियम में वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद कम ही लोगों को थी। हालांकि मुंबई इंडियंस इससे पहले भी दो बार आईपीएल का खिताब अपने नाम कर चुका है। लेकिन यह मुकाबला इसलिए बेहद दिलचस्प था क्योंकि मुंबई ने महज 128 रन बनाया और फिर भी अपने प्रतिद्वंदी राइजिंग पुणे सुपरजाएंट की टीम को जीतने नहीं दिया।
मुम्बई ने पहले खेलते हुए पुणे के सामने 130 रनों का लक्ष्य रखा। अजिंक्य रहाणे (44) और कप्तान स्मिथ (51) की उम्दा पारियों के बावजूद पुणे की टीम 20 ओवरों में 6 विकेट पर 128 रन ही बना सकी। मुम्बई की ओर से मिशेल जानसन ने तीन सफलता हासिल की जबकि जसप्रीत बुमराह को दो विकेट मिले। जानसन ने अंतिम ओवर में दो सफलता हासिल की। इसमें कप्तान स्मिथ का भी विकेट शामिल है, जो काफी हद तक पुणे को जीत दिलाने की स्थिति में दिखाई दे रहे थे।
पुणे की शुरुआत अच्छी नहीं थी। उसने अपने युवा स्टार राहुल त्रिपाठी (3) का विकेट 17 के ही कुल योग पर गंवा दिया था लेकिन इसके बाद रहाणे और स्मिथ ने दूसरे विकेट के लिए 54 रन जोड़ते हुए पुणे को जीत की ओर अग्रसर किया लेकिन 71 के कुल योग पर रहाणे के आउट होते ही मानो बदकिस्मती ने पुणे को घेर लिया। उसने 98 के कुल योग पर महेंद्र सिंह धौनी का विकेट गंवाया। धौनी लय में नहीं दिखे। इसके बाद स्मिथ ने मनोज तिवारी (7) के साथ टीम को जीत तक ले जाने का प्रयास किया लेकिन तिवारी 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हो गए। इस तरह मुम्बई ने यह मैच एक रन से अपने नाम किया। क्रूनाल को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
इससे पहले, पुणे ने अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत मुम्बई इंडियंस को आठ विकेट पर 129 रनों पर सीमित कर दिया। मुम्बई की ओर से क्रूनाल पांड्या ने सबसे अधिक 47 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का मुम्बई का फैसला सही नहीं रहा। उसने मात्र आठ रन के कुल योग पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों लेंडल सिमंस (3) और पार्थिव पटेल (4) के विकेट गंवा दिए। इन दोनों को जयदेव उनादकट ने आउट किया। इसके बाद अंबाती रायडू (12) और कप्तान रोहित शर्मा (24) ने तीसरे विकेट के लिए 33 रनों की साझेदारी की। स्कोर 41 रनों तक पहुंचा था कि कप्तान स्टीवन स्मिथ ने रायडू को रन आउट कर मुम्बई को तीसरा झटका दिया।
रोहित 56 के कुल योग पर आउट हुए। रोहित ने 22 गेंदों पर चार चौके लगाए। मुम्बई की टीम ने फाइनल में अब तक का सबसे कम स्कोर बनाया लेकिन वह इस स्कोर को बचाने में सफल रही। इससे पहले 2009 के फाइनल में डेक्कन चार्जर्स ने फाइनल में 143 रन बनाए थे और फिर अच्छी गेंदबाजी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को छह रनों से हराया था।